शुक्रवार, 3 सितंबर 2010
क्या मुर्द्र हमारी पुकार और दुआऐं सुनते हैं? इस्लामी अकीदे से जुडें कुछ सवाल भाग - 3 Islam, Belief, Muslim, Allah, Namaz, Quran, Messenger,
पिछ्ले भाग - 1, भाग - 2 से जारी....
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सवाल :- गैर अल्लाह जैसे औलिया वगैरह को पुकारना कैसा है?
जवाब :- गैर अल्लाह को पुकारना शिर्क अकबर है और ऐसा शख्स जहन्नम में दाखिल किया जायेगा ।
कुरआन से दलील :- पस अल्लाह के साथ किसी और को मत पुकारना वर्ना तू अज़ाब पाने वालों में से हो
जायेगा । (सूरह शौरा सू. : आ.)
हदीस से दलील :- जो मरा और अल्लाह के अलावा किसी शरीक को पुकारत था तो जहन्नम में दाखिल होगा।
(बुखारी)
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गुरुवार, 26 अगस्त 2010
अल्लाह तआला ने रसूलों को किस लिये भेजा? इस्लामी अकीदे से जुडें कुछ सवाल भाग - 2 Islam, Allah, Muslim, Jihad, Namaz, Pray
पिछ्ले भाग - 1 से जारी....
सवाल :- अल्लाह तआला ने रसूलों को किस लिये भेजा?
जवाब :- अपनी इबादत की तरफ़ बुलाने और शिर्क से बचाने के लिये ।
कुरआन से दलील :- और हमनें हर उम्मत में रसूल भेजा इस पैगाम के साथ कि सिर्फ़ अल्लाह की पूजा करो
और शिर्क से बचो | (सूरह नहल - सू. 16 : आ. 36)
हदीस से दलील :- तमाम नबी आपस में भाई हैं और उनका दीन एक है । (मुत्तफ़क अलैह)
सवाल :- तौहीद किसे कहते है?
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सवाल :- अल्लाह तआला ने रसूलों को किस लिये भेजा?
जवाब :- अपनी इबादत की तरफ़ बुलाने और शिर्क से बचाने के लिये ।
कुरआन से दलील :- और हमनें हर उम्मत में रसूल भेजा इस पैगाम के साथ कि सिर्फ़ अल्लाह की पूजा करो
और शिर्क से बचो | (सूरह नहल - सू. 16 : आ. 36)
हदीस से दलील :- तमाम नबी आपस में भाई हैं और उनका दीन एक है । (मुत्तफ़क अलैह)
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सवाल :- तौहीद किसे कहते है?
बुधवार, 18 अगस्त 2010
इस्लामी अकीदे से जुडें कुछ सवाल भाग - 1, Islam, Allah, Muslim, Jihad, Namaz, Pray, Ibadat,
आज आप लोगों के सामने मैं कुछ सवाल रख रहा हूं जो अकसर मुस्लिम और गैर-मुस्लिम भाई इस्लाम के विषय में पुछते है। हर सवाल के जवाब से साथ कुरआन और हदीस से दलील भी पेश की गयी..।
सवाल :- अल्लाह तआला ने हमें किस लिये पैदा किया है ?
जवाब :- अल्लाह ने हमें सिर्फ़ अपनी इबादत के लिये पैदा किया है।
कुरआन से दलील :- मैंने इंसानों और जिन्नातों को सिर्फ़ अपनी इबादत के लिये पैदा किया है । (सूरह
अज़्ज़ारियात सु. 51 : आ. 56 )
हदीस से दलील :- बन्दों पर अल्लाह तआला का हक यह है कि वह उसकी इबादत करें और उसके साथ
किसी को शरीक न करें । (मुत्तफ़क अलैह)
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सवाल :- अल्लाह तआला ने हमें किस लिये पैदा किया है ?
जवाब :- अल्लाह ने हमें सिर्फ़ अपनी इबादत के लिये पैदा किया है।
कुरआन से दलील :- मैंने इंसानों और जिन्नातों को सिर्फ़ अपनी इबादत के लिये पैदा किया है । (सूरह
अज़्ज़ारियात सु. 51 : आ. 56 )
हदीस से दलील :- बन्दों पर अल्लाह तआला का हक यह है कि वह उसकी इबादत करें और उसके साथ
किसी को शरीक न करें । (मुत्तफ़क अलैह)
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मंगलवार, 27 जुलाई 2010
शबे-बारात क्या है? शबे- बारात की हकीकत?? What Is Shabe-Baarat?? Reality Of Shabe-Baaraat?? Revised
आज शबे-बारात है..यानी पन्द्रह शअबान आज पुरे हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बडे ज़ोर शोर से शबे-बारात मनायी जायेगी। ये त्योहार अधिकतर मुसलमान बहुत धुम-धाम से मनाते है। इस त्योहार को कुछ हिन्दु शिव की बारात से मिलाते हैं पढें सुरेश चिपलूनकर द्वारा लिखा गया ये लेख।
ये लेख मैनें पिछले साल लिखा और छापा था आज इसको शबे-बारात के मौके पर दुबारा छाप रहा हूं ताकि पिछ्ले साल जिन लोगों ने इसे ना पढा हो वो भी इसे पढ लें।
(याद रहे बिदअत गुनाहे कबीरा (सबसे बडा गुनाह) है। बिदअत से शैतान खुश होता है और अल्लाह की नाराज़गी हासिल होती है। बिदअत का रास्ता जहन्नुम की तरफ़ जाता है। लिहाज़ा तमाम मुसलमानों को बिदआत से बचना चाहिये।)
ये लेख मैनें पिछले साल लिखा और छापा था आज इसको शबे-बारात के मौके पर दुबारा छाप रहा हूं ताकि पिछ्ले साल जिन लोगों ने इसे ना पढा हो वो भी इसे पढ लें।
"शबे-बारात की हकीकत"
"पन्द्र्ह शअबान की हकीकत"
(याद रहे बिदअत गुनाहे कबीरा (सबसे बडा गुनाह) है। बिदअत से शैतान खुश होता है और अल्लाह की नाराज़गी हासिल होती है। बिदअत का रास्ता जहन्नुम की तरफ़ जाता है। लिहाज़ा तमाम मुसलमानों को बिदआत से बचना चाहिये।)
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